कुचामन नगर परिषद में गत 28 जनवरी 2026 को कांग्रेस बोर्ड का कार्यकाल पूर्ण हो चुका है। यहाँ साढ़े चार वर्ष से अधिक समय तक कांग्रेस का बोर्ड रहा।


आरोप है कि अंतिम 132 दिनों में सत्ता का दुरुपयोग करते हुए कांग्रेस के निर्वाचित सभापति एवं उपसभापति को हटाकर भाजपा के पार्षद को अवैध रूप से मनोनीत सभापति बनाया गया। इसके बाद मनोनीत सभापति एवं भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा तथाकथित 132 दिनों में कांग्रेस बोर्ड से अधिक विकास कार्य कराने के दावों के साथ व्यंग्यात्मक तंज कसते हुए विकास कार्यों पर चर्चा की चुनौती दी जा रही है, जो हास्यास्पद प्रतीत होती है।

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मुकेश कुमावत एवं कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुतेन्द्र सारस्वत ने कहा कि प्रदेश में भाजपा शासन के दो वर्ष से अधिक का समय व्यतीत हो जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस विकास कार्य नहीं कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि कस्बे में अब तक जितने भी सड़क, नाली निर्माण, ब्लॉक सड़क सहित सामाजिक भवनों, धार्मिक स्थलों एवं शमशानों आदि के विकास कार्य हुए हैं, वे पूर्व विधायक एवं उपमुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी तथा कांग्रेस बोर्ड की देन हैं।
उन्होंने कहा कि महेन्द्र चौधरी के प्रयासों से कुचामन नगर परिषद क्षेत्र में 300-400 करोड़ रुपए की सीवरेज एवं वृहद पेयजल योजना स्वीकृत हुई। इस योजना के अंतर्गत सीवरेज कार्य के पश्चात सीमेंट/डामर की सड़कों को पुनः पूर्ववत बनाए जाने की व्यवस्था की गई। जिसके तहत नगर परिषद क्षेत्र की अधिकांश सड़कें बन चुकी हैं। इन कार्यों का भाजपाकरण करना पूरी तरह गलत है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस प्रकार प्रदेश भाजपा द्वारा अपने दो वर्षों के शासन को कांग्रेस के पांच वर्षों से अधिक बताने जैसे बयान दिए जाते हैं, उसी तर्ज पर भाजपा के मनोनीत सभापति एवं मंडल अध्यक्ष का यह कहना कि कांग्रेस के साढ़े चार वर्षों की तुलना में 132 दिनों में अधिक विकास कार्य कराए गए, पूरी तरह हास्यास्पद है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद की कांग्रेस बोर्ड बैठकों में लगभग 220 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव पहले ही पारित किए जा चुके हैं, जो परिषद के रिकॉर्ड में दर्ज हैं। राज्य सरकार से विकास मद की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण ये कार्य अब तक रुके हुए हैं।
नगर परिषद पर करोड़ों की बकाया राशि, विकास कार्य प्रभावित
उन्होंने यह भी बताया कि नगर परिषद को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार से प्राप्त होने वाली गत दो वर्षों की लगभग 27 करोड़ रूपए की अनुदान राशि बकाया है। इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग का लगभग 2.5 करोड़ रुपए, सफाई ठेकों का लगभग 2.5 करोड़ रुपए तथा विकास कार्यों के ठेकेदारों के लगभग 15 करोड़ रुपए बकाया चले आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में नए विकास कार्यों की बात करना बेईमानी है।
पहले से स्वीकृत कार्यों का शिलान्यास करना केवल दिखावा
पार्षद विदाई समारोह के दिन 30 करोड़ रुपए के जिन विकास कार्यों के शिलान्यास की बात कही जा रही है। उनमें से अधिकांश कार्य पहले ही कांग्रेस बोर्ड द्वारा पारित किए जा चुके हैं। विकास मद की राशि उपलब्ध न होने की स्थिति में करोड़ों रुपए के विकास कार्यों की निविदाएं जारी करना कमीशन पुख्ता करने और जेब भरने का प्रयास मात्र है।
मुकेश कुमावत एवं सुतेन्द्र सारस्वत ने बताया कि कुचामन नगर परिषद के कांग्रेस बोर्ड एवं पूर्व विधायक की अनुशंसा पर नगर में सड़क, ब्लॉक फर्श, समाज भवन, धार्मिक स्थलों, शमशानों, सर्किल निर्माण, हॉल, टिनशेड, चारदीवारी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कई करोड़ रुपए के विकास कार्य दलगत भावना से ऊपर उठकर कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों पर चर्चा के लिए कांग्रेस हर समय तैयार है।






