कुचामन सिटी. साइबर ठगी के एक गंभीर प्रकरण में वांछित इनामी अपराधी और गिरोह के मास्टरमाइंड विकास कड़वा को कुचामन सिटी पुलिस ने गिरफ्तार किया है।


आरोपी पिछले करीब पांच माह से फरार चल रहा था और डीडवाना जिले में सक्रिय साइबर अपराध नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (आईपीएस) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा एवं वृताधिकारी मुकेश चौधरी के सुपरविजन में तथा थानाधिकारी कुचामन सिटी पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई। आरोपी की गिरफ्तारी पर पूर्व में पुलिस अधीक्षक द्वारा 2000 रुपए के इनाम की घोषणा की गई थी।
दरअसल प्रकरण की शुरुआत दिनांक 12 अगस्त 2025 को हुई। जब कुचामन सिटी थाना पुलिस को बुड़सू चौराहा के पास कुछ युवकों द्वारा ऑनलाइन USDT लेन-देन किए जाने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने तीन आरोपियों हरेन्द्र गोदारा, मनीष मुवाल एवं सुनिल प्रजापत को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 11 एटीएम कार्ड, एक चेकबुक, तीन बैंक पासबुक, एक कियोस्क कार्ड एवं 30 हजार रूपए नकद बरामद किए गए।

जांच में सामने आया कि बरामद बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज थीं। आरोपियों द्वारा भोले-भाले लोगों के बैंक खाते प्राप्त कर उनमें साइबर ठगी की राशि मंगवाकर अवैध रूप से उपयोग किया जा रहा था। इसी आधार पर कुचामन सिटी थाने में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
युवाओं को लालच देकर खाते खरीदने का खेल
अनुसंधान के दौरान यह तथ्य उजागर हुआ कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर युवाओं को लालच देकर बैंक खाते खरीदते थे और उन खातों में साइबर फ्रॉड की रकम डलवाकर एटीएम, ई-मित्र कियोस्क व चेकबुक के माध्यम से राशि निकाल लेते थे। आरोपियों के मोबाइल फोन में ऑनलाइन USDT का लेन-देन पाया गया, जिसे वे टेलीग्राम ऐप के माध्यम से साइबर ठगों से संपर्क कर ऊंचे दामों पर बेचते थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी चाय की थड़ियों, कोचिंग संस्थानों, कॉलेजों एवं हॉस्टलों के आसपास युवाओं को पार्ट-टाइम जॉब का लालच देकर बैंक खाते खुलवाते थे और उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, चेकबुक व यूपीआई सुविधा अपने कब्जे में ले लेते थे। इन गतिविधियों का संचालन मुख्य सरगना विकास कड़वा द्वारा किया जाता था।
लंबे समय से फरार चल रहे विकास कड़वा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। आरोपी शातिर प्रवृत्ति का होने के कारण पुलिस से बचता रहा, लेकिन कुचामन सिटी पुलिस की सतर्कता और प्रभावी रणनीति के चलते उसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी विकास कड़वा पुत्र बंशी लाल जाट निवासी रामसरी, थाना डेगाना, जिला नागौर है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अपने ऐशो-आराम और महंगी जीवनशैली दिखाकर अन्य युवाओं को भी साइबर अपराध की ओर आकर्षित करता था। फिलहाल आरोपी से गहनता से पूछताछ जारी है।
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