कुचामन सिटी. शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सर्दी के इस सीजन में पहली बार लंबे अंतराल के बाद घनी ओस और कोहरे का असर देखने को मिला।


सोमवार सुबह खेतों, गांवों और सड़कों पर सफेद चादर सी बिछी नजर आई। किसानों के अनुसार सीजन की पहली ओस गिरने से रबी फसलों को सीधा लाभ मिलेगा और फसलों में रोग लगने की आशंका कम होगी।

ओस से रबी फसलों को फायदा
किसानों ने बताया कि ओस गिरने से जौ, गेहूं, सरसों, मेथी और चना की फसलों को लाभ होगा। भले ही इस वर्ष ओस कुछ देर से गिरी हो, लेकिन तापमान के उतार-चढ़ाव के बीच ओस पड़ने से फसलों में बीमारी का खतरा घटेगा और उत्पादन बेहतर रहने की उम्मीद है। रात में ओस और दिन में तेज धूप का मेल फसलों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
सुबह के समय घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर और बेहद सावधानी से वाहन चलाने पड़े। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए यातायात की रफ्तार काफी धीमी रही।

ठंडी हवाओं के चलते लोग ठिठुरन महसूस करते दिखे। दिनभर गर्म कपड़ों का सहारा लिया गया, जबकि कुछ स्थानों पर लोगों ने अलाव भी जलाए। बुजुर्ग और बच्चे ठंड के कारण घरों से बाहर नहीं निकले।
ग्रामीण परसाराम बुगालिया ने बताया कि इस वर्ष कम बारिश के कारण ठंड देर से आई है और दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ओस गिरी है। हालांकि अब तक कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ी है, लेकिन यदि फरवरी तक ठंड का असर बना रहा तो जौ, गेहूं, चना, मटर, सरसों और सब्जियों की फसलों का उत्पादन बढ़ने की संभावना है।
गोपालपुरा, दीपपुरा, सुजानपुरा, शिवदानपुरा, जसवंतपुरा, आसपुरा, चादपुरा, जिलिया, चारणवास, चितावा, कुकनवाली, पाचवा, इडाली, हिरानी और भांवता सहित कई गांवों में रबी सीजन की फसलें लहलहा रही हैं।
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