कुचामन सिटी में स्कूल प्रशासन द्वारा स्कूली बसों के संचालन में लगातार लापरवाही बरते जाने के बाद जिला कलक्टर के निर्देश पर परिवहन विभाग की टीम हरकत में आ गई।


टीम ने शहर की विभिन्न स्कूलों में चल रही बाल वाहिनियों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।


निरीक्षण में कई बसों में फायर एक्सटिंग्विशर नहीं मिले। खिड़कियों पर सुरक्षा काँच या ग्रिल नहीं लगी थी और कई वाहनों की नंबर प्लेट नियमों के अनुरूप नहीं थी। इसके साथ ही बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र मौजूद नहीं थे।

फिटनेस सर्टिफिकेट बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में से एक है फिर भी कई स्कूलों ने इसे नजरअंदाज कर रखा था। ऐसी ही अनियमितताओं के कारण हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। क्योंकि बिना फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों के वाहन तकनीकी खराबी, ब्रेक फेल होने या आपात स्थिति में नियंत्रण खोने जैसे जोखिम पैदा कर सकते हैं।
इसके अलावा कई वाहनों में परमिट, इंश्योरेंस और पॉल्यूशन प्रमाण पत्र भी पूर्ण नहीं मिले। दस्तावेजों की इस कमी और सुरक्षा उपकरणों के अभाव को देखते हुए परिवहन विभाग ने मौके पर ही 10 बसों के चालान काटे और सभी स्कूलों को 7 दिनों की सख्त समय सीमा देते हुए आदेश जारी किया कि वे सभी गाड़ियों के कागज़ और सुरक्षा मानक नियम अनुसार पूरे करें।

विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं करने पर संबंधित स्कूली बसों को जब्त (सीज़) किया जाएगा और आगे कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।
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