कुचामन शहर में इन दिनों पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। हालात यह हैं कि शहर के कई वार्डों में 6 से 7 दिन तक पानी की सप्लाई नहीं हो रही जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग टैंकरों और अन्य वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।


इसी बीच जल संकट के दौर में एलएनटी कंपनी द्वारा किए गए नए जल कनेक्शनों में रोजाना करीब 5 बजे पानी खुले में बहता हुआ देखा जा रहा है। इन कनेक्शनों से बड़ी मात्रा में पानी सड़कों और नालियों में बहकर व्यर्थ बर्बाद हो रहा है जबकि दूसरी ओर लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब शहर पहले से ही पानी की किल्लत से जूझ रहा है। तब घरों में नए मीटर लगाए जा रहे हैं और नए कनेक्शन जोड़े जा रहे हैं। लेकिन उनकी जांच और संचालन के दौरान हो रहे पानी के अपव्यय पर कोई ठोस नियंत्रण नहीं है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि जिन इलाकों में एक सप्ताह तक नलों में पानी नहीं आता। वहीं रोजाना सैकड़ों लीटर पानी यूं ही बहा देना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

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