कुचामन शहर में कचरा निस्तारण व्यवस्था की लापरवाही और रिंग रोड पर अवैध डंपिंग यार्ड बनाकर मृत पशुओं को खुले में फेंके जाने के गंभीर मामले में अब न्यायालय ने सख्ती दिखाई है।


शहर के अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक और मुरलीधर जोशी द्वारा जनस्वास्थ्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुंदर लाल खरोल के समक्ष प्री-लिटिगेशन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश सुंदर लाल खरोल ने सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर 13 नवम्बर को न्यायालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।
कचरा ठेका निजी कंपनी को, लेकिन सफाई व्यवस्था बदहाल
अधिवक्ता ओमप्रकाश पारीक ने बताया कि नगर परिषद ने शहर का कचरा संग्रहण एक निजी कंपनी को सौंप रखा है, बावजूद इसके शहर की स्थिति चिंताजनक है।

स्टेशन रोड स्थित कुंआ के बालाजी मंदिर के पास प्रतिदिन कचरे का ढेर लगा रहता है, जिससे न केवल कॉलोनीवासियों बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी दुर्गंध और असुविधा झेलनी पड़ रही है।
रिंग रोड बना अवैध डंपिंग यार्ड
पारीक ने बताया कि नगर परिषद ने रिंग रोड पर अवैध रूप से डंपिंग यार्ड बना रखा है, जहां मृत पशुओं समेत शहर का सारा कचरा खुले में फेंका जाता है। इस क्षेत्र में गाय व अन्य गौवंशीय पशु भी विचरण करते हैं, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है।
आसपास की कॉलोनियों में असहनीय दुर्गंध
अधिवक्ता मुरलीधर जोशी ने बताया कि हनुमान सागर कॉलोनी, पदमपुरा रोड और मेहरो की ढाणी के निवासी लंबे समय से डंपिंग यार्ड की दुर्गंध और प्रदूषण से परेशान हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने अवशिष्ट निस्तारण के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी की हुई हैं, फिर भी नगर परिषद द्वारा किसी भी वैज्ञानिक निस्तारण प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे न केवल शहर की हवा दूषित हो रही है बल्कि नागरिकों का स्वास्थ्य भी खतरे में है।
वायरस फैलने का खतरा – अधिवक्ता पारीक ने न्यायालय को बताया कि मृत पशुओं के खुले में फेंके जाने और कचरे के ढेर से पेपिलोमा वायरस फैल रहा है, जिससे श्वसन संबंधी व त्वचा रोग बढ़ रहे हैं।
न्यायालय से की गई प्रमुख मांगें
प्रार्थी अधिवक्ताओं ने न्यायालय से निवेदन किया कि
- नगर परिषद से नियमित रूप से शहर का कचरा संग्रहण करवाया जाए।
- अवैध डंपिंग यार्ड को आबादी क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाए।
- सरकारी मानकों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट निस्तारण प्रणाली लागू की जाए।
- पेपिलोमा वायरस से प्रभावित लोगों का सर्वे कर रोकथाम के उपाय किए जाएं।
न्यायालय ने दिखाई सख्ती, जारी किया नोटिस
न्यायाधीश सुंदर लाल खरोल ने मामले को जनस्वास्थ्य से जुड़ा ज्वलंत मुद्दा मानते हुए तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने उपखंड अधिकारी, ब्लॉक सीएमएचओ, नगर परिषद आयुक्त, सफाई निरीक्षक, और अवशिष्ट प्रबंधन प्रभारी अधिकारी को नोटिस जारी कर 13 नवम्बर को न्यायालय में तलब किया है।






