कुचामन सिटी में व्यापारी रमेश रूलानिया की हत्या के मामले में एडीजी आनंद श्रीवास्तव और एडीजी (साइबर क्राइम) वी.के. सिंह कुचामन पहुंचे हैं।


बताया जा रहा है कि परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने राजस्थान के डीजीपी से इस मामले में चर्चा की। शाम को रामनिवास गावड़िया और लाडनूं विधायक मुकेश भाकर धरना स्थल पहुंचे, जो पुलिस थाने के बाहर जारी है। पहले से ही सैकड़ों लोग धरना प्रदर्शन में शामिल हैं।

एडीजी आनंद श्रीवास्तव और एडीजी वी.के. सिंह ने सबसे पहले स्टेशन रोड स्थित जिम का निरीक्षण किया, जहाँ व्यापारी रमेश रूलानिया की हत्या हुई थी। उनके साथ आईजी अजमेर राजेंद्र कुमार और डीआईजी परीश देशमुख (एटीएस) भी मौजूद रहे।
धरना स्थल से कांग्रेस विधायक गावड़िया बोले – जब तक न्याय नहीं मिलता, यहीं रहेंगे
परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने कहा कि “मैं, लाडनूं विधायक मुकेश भाकर और नावा के पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी तब तक धरने से नहीं उठेंगे जब तक परिजनों को न्याय नहीं मिलता और आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता। युवाओं को नशे की लत छोड़नी होगी। अधिकांश अपराध इसी नशे के कारण हो रहे हैं, जिसे रोकना सभी की जिम्मेदारी है।”

लाडनूं विधायक मुकेश भाकर ने कहा कि “आज पूरा राजस्थान अपराध का गढ़ बन चुका है। विदेशों में बैठे अपराधी व्यापारियों से फिरौती मांगकर राज्य में अपराध बढ़ा रहे हैं। अब यह अपराध हत्या जैसी जघन्य घटना का रूप ले चुका है। राजस्थान पुलिस को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।”
पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी ने भी कहा कि “हम सब धरने पर बैठे हैं, कहीं नहीं जाएंगे। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक सब लोग धरने पर बैठे रहेंगे।”
ज्ञानाराम रणवा ने कहा – पुलिस पर भरोसा किया, उसी का नतीजा
ज्ञानाराम रणवा ने कहा कि एक साधारण व्यक्ति आज हमने खो दिया, क्योंकि उन्होंने पुलिस पर भरोसा किया। पिछले कुछ समय से जो घटनाएं हो रही हैं, उससे लगता है कि अपने क्षेत्र को पुलिस की आवश्यकता नहीं है, अपराधियों में डर नहीं है।
उन्होंने कहा कि नेता और जो भी इस धरने में आए हैं, तभी वापस जाएँ जब कुचामन का नागरिक सुरक्षित महसूस करे। पुलिस की हिम्मत नहीं है उन लोगों पर हाथ डालने की; उन्हें पता है कि धमकी देने वाला किस जेल में है। यहां लाकर पूछताछ नहीं की। आज कुचामन का हर नागरिक डर में है, और पुलिस सुरक्षा नहीं कर सकती। यहाँ का नागरिक ही अपनी सुरक्षा कर सकता है।
धरने पर जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में व्यापार वर्ग और सर्व समाज के लोग बैठे हैं।
बता दें कि वीरेंद्र चारण ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से रोहित गोदारा गैंग की तरफ से रमेश रूलानिया की हत्या की जिम्मेदारी ली है।
व्यापारी की हत्या सुबह 6 बजे के करीब हुई। लगभग 12 घंटे बीत चुके हैं, आरोपियों को पकड़ने में पुलिस असफल रही है। उच्च अधिकारियों के निरीक्षण के बाद उम्मीद है कि जल्द ही हत्या में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
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