नावां: बजरंग दल का स्थापना दिवस इस वर्ष नावां शहर में श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ भव्य रूप में मनाया गया।


इस अवसर पर सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं प्रेरणादायक बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें समाज एवं राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विशेष बल दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत लक्ष्मण नाथ महाराज के प्रेरक उद्बोधन से हुई। उन्होंने सनातन धर्म की महानता, उसकी वैज्ञानिकता और सामाजिक समरसता के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से आह्वान किया कि वे धर्म, संस्कृति और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं।


इसके पश्चात धर्मेंद्र दास महाराज ने अपने वक्तव्य में सनातन विचारधारा के संरक्षण एवं सामाजिक एकता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने युवाओं को राष्ट्रसेवा की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में बजरंग दल के राष्ट्रीय सह-संयोजक किशन प्रजापत ने स्थापना दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्ष 1984 में संगठन की स्थापना राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के संकल्प के साथ हुई थी। आज भी बजरंग दल “सेवा, सुरक्षा और संस्कार” के मूलमंत्र के साथ निरंतर कार्यरत है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रदेश संगठन मंत्री राजेश पटेल ने उपस्थित युवाओं को नशामुक्त भारत का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रहकर समाज के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं, संतजनों एवं बजरंग दल, मातृशक्ति, दुर्गावाहिनी के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। पूरा कार्यक्रम धर्म, संस्कृति और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत रहा।






