कुचामन सिटी में रंगदारी मांगने वाले अपराधियों द्वारा एक प्रमुख व्यापारी की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए सात सहयोगी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन को भी जब्त किया गया है।


मुख्य आरोपियों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इस सफलता के पीछे करीब 100 अधिकारियों की दिन-रात की मेहनत, 500 किलोमीटर क्षेत्र में सीसीटीवी फुटेज की जांच और बेहतर फील्ड इंटेलिजेंस का बड़ा योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस ने दी घटना की पूरी जानकारी
दरअसल, दिनांक 7 अक्टूबर 2025 को कुचामन शहर के स्टेशन रोड स्थित जिम में एक सनसनीखेज घटना घटी, जब स्थानीय भाजपा नेता और प्रमुख होटल कारोबारी रमेश रूलानिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। प्रार्थी चेनाराम ने थाना कुचामन शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके जीजा रमेश रूलानिया रोजाना की तरह सुबह करीब 5:20 बजे घर से जिम के लिए निकले थे।
जिम में व्यायाम कर रहे रमेश पर एक युवक ने अचानक गोली चलाई और मौके से फरार हो गया। जिम में मौजूद लोगों ने घायल रमेश को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया, लेकिन इलाज के दौरान गोली लगने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या रंगदारी की मांग से जुड़ी साजिश का नतीजा थी। मृतक रमेश रूलानिया को कुछ दिन पहले रोहित गोदारा गैंग की ओर से करोड़ों रुपये की फिरौती की धमकी मिली थी। उन्होंने रकम देने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद अपराधियों ने बदला लेने की ठानी। गोदारा गैंग ने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी भी ली। इस घटना से कुचामन शहर में दहशत फैल गई और व्यापारिक समुदाय में आक्रोश व्याप्त हो गया।
पुलिस कार्रवाई और जांच की पूरी प्रक्रिया
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया और थाना कुचामन शहर में प्रकरण संख्या 371, धारा 103(1), 61(2) बीएनएस तथा 3/25, 3/27 आग्नेयास्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर (भापुसे), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद खारिया (रापुसे) और वृत्ताधिकारी अरविंद बिश्नोई (रापुसे) के निकटतम पर्यवेक्षण में थानाधिकारी सतपाल सिंह ने जांच शुरू की।
घटनास्थल का तुरंत निरीक्षण किया गया। मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट (एमएफयू) और मॉडस ऑपरेंडी ब्यूरो (एमओबी) की टीमों ने साक्ष्य संग्रह किया। मृतक के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया गया। प्रार्थी चेनाराम और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। आसपास के 500 किलोमीटर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से जांची गई।
संदिग्धों से पूछताछ की गई और घटनास्थल के पास बीटीएस टावरों से मोबाइल नंबरों की सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) प्राप्त कर विश्लेषण किया गया। आरोपियों की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की गईं। पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कराई गई। दिन-रात की अथक मेहनत से अपराध की साजिश और सहयोगी आरोपियों का पता लगाया गया।
जांच में मुख्य आरोपी गणपत गुर्जर, महेश गुर्जर, धर्मेंद्र उर्फ देवा और जुबैर अहमद की पहचान हुई, जिनकी गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया। इनके सहयोगियों को भी चिह्नित कर गिरफ्तार किया गया। घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन (नंबर आरजे 01 यूबी 2727) को निवाई के जौधपुरिया गांव के पास जब्त किया गया, जहां आरोपी गाड़ी छोड़कर फरार हो गए थे। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड टीमों ने भी जांच में सहयोग किया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
पुलिस ने साजिश रचने और मुख्य आरोपियों के सहयोग में शामिल सात व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी रंगदारी वसूली के उद्देश्य से अन्य व्यापारियों में भय फैलाने की योजना का हिस्सा थे। गिरफ्तार आरोपी —
- सफीक खान, पुत्र हाकम अली, जाति कायमखानी, उम्र 58 वर्ष, निवासी खान मोहल्ला, कुचामन, थाना कुचामन शहर, जिला डीडवाना-कुचामन।
- किशन लाल गुर्जर, पुत्र मंगनाराम, जाति गुर्जर, उम्र 22 वर्ष, निवासी बालुखेड़ा, बोरावड़, थाना मकराना, जिला डीडवाना-कुचामन।
- रामकेश गुर्जर, पुत्र लक्ष्मीनारायण, जाति गुर्जर, उम्र 22 वर्ष, निवासी रेटा, थाना मोजमाबाद, जिला जयपुर ग्रामीण।
- रामसिंह, पुत्र अर्जुनलाल, जाति गुर्जर, उम्र 20 वर्ष, निवासी खेड़ी सुवा, थाना मोजमाबाद, जिला जयपुर ग्रामीण।
- खुशीराम, पुत्र मदनलाल, जाति जाट, उम्र 25 वर्ष, निवासी जोला, थाना बरोनी, जिला टोंक।
- दिनेश चौधरी, पुत्र रसीलाल, जाति जाट, उम्र 25 वर्ष, निवासी जोला, थाना बरोनी, जिला टोंक।
- पवन चारण, पुत्र लक्ष्मणसिंह, जाति चारण, उम्र 27 वर्ष, निवासी करणी कॉलोनी, बोरावड़, थाना मकराना, जिला डीडवाना-कुचामन।
इन सभी से गहन पूछताछ में अपराध सिद्ध होने पर गिरफ्तारी की गई। मुख्य आरोपियों की तलाश और अनुसंधान जारी है।

जब्त की गई स्कॉर्पियो
घटना में प्रयुक्त वाहन जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया। यह वाहन अपराधियों के फरार होने के दौरान निवाई क्षेत्र में छोड़ा गया था।
इस सफलता में जिला पुलिस डीडवाना-कुचामन, नागौर, अजमेर, टोंक और एजीटीएफ जयपुर की टीमों का सामूहिक प्रयास रहा। करीब 100 अधिकारियों-कर्मचारियों ने फील्ड इंटेलिजेंस और सूचना संकलन पर जोर देकर यह उपलब्धि हासिल की। एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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