नावां: डीडवाना-कुचामन पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना नावां ने दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों ने लोगों के बैंक खाते किराए पर लेकर साइबर ठगी को अंजाम दिया था।


जानकारी के अनुसार – 18 सितम्बर 2025 को नावां निवासी सोहनलाल पुत्र लालाराम कुमावत निवासी गणेश चौराया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसने अपना और भवानी शंकर का बैंक खाता अपने परिचित हीरालाल उर्फ हिमांशु और उसके भाई श्रवणराम व योगेश को सौंप दिया था। बाद में पता चला कि ये लोग साइबर ठगी का काम करते हैं।

आरोपियों ने पीड़ित के एटीएम और पासबुक रख लिए
बैंक जाकर जांच करने पर खातों को बंद पाया गया। जब इस बारे में हीरालाल उर्फ हिमांशु से बात की गई तो उसने धमकी दी कि किसी और को बताया तो हाथ-पाँव तोड़ देंगे और यदि 50,000 रुपए नहीं दिए तो एटीएम और पासबुक भी नहीं लौटाएँगे। इस पर थाने में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान प्रारंभ किया गया।
एसपी ऋचा तोमर के निर्देश पर टीम गठित
ऋचा तोमर (आईपीएस) पुलिस अधीक्षक, डीडवाना-कुचामन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामनसिटी नेमीचंद खारिया (आरपीएस) और वृताधिकारी कुचामनसिटी अरविन्द विश्नोई के सुपरविजन में, थानाधिकारी नावांशहर नन्दलाल (पु.नि.) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने गुढासाल्ट, जोबनेर, कालवाड़ सहित संभावित स्थानों पर दबिश देकर आरोपी श्रवणराम (29) पुत्र नन्दाराम और योगेश कुमार (26) पुत्र श्रवणराम निवासी गौरवपुरा, लुणवा (नावांशहर) को गिरफ्तार किया। आरोपियों से गहन पूछताछ एवं अनुसंधान जारी है।
इस कार्रवाई में शामिल टीम के सदस्य – थानाधिकारी नन्दलाल (पु.नि.), सहायक उपनिरीक्षक जगराम (सउनि.), और कांस्टेबल: प्रियंक कुमार, महेन्द्र कुमार, शिवपाल, संदीप तथा साइबर सेल डीडवाना से तुलसीराम।
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