कुचामन सिटी. गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति इकाई कुचामन के तत्वावधान में एच.पी. काबरा गर्ल्स कॉलेज कुचामन में एक दिवसीय संस्कार सेमिनार का आयोजन किया गया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने की।


सेमिनार में प्रमुख वक्ता एवं समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकिशोर तिवाड़ी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “संस्कार मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। शिक्षा के साथ-साथ यदि व्यक्ति में संस्कार और चरित्र का समन्वय हो तो उसका व्यक्तित्व पूर्ण बनता है।”

उन्होंने कहा कि एक संस्कारी माता पूरे परिवार एवं ससुराल – दो कुलों को तार देती है और साथ ही समाज के भविष्य की दिशा तय करती है। भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा सामाजिक ताने-बाने को कमजोर कर रही है, इसलिए बेटियों के महत्व को समझना और उन्हें सुरक्षित करना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
इस अवसर पर कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष श्यामसुंदर मंत्री ने सभी छात्राओं को संस्कारवान एवं चरित्रवान बनने का संकल्प दिलाया। समिति की ओर से नवप्रवेशी छात्राओं को संस्था की तरफ से उपयोगी बैग वितरित किए गए।

समिति के साधक सत्यप्रकाश शर्मा ने छात्राओं को स्वदेशी सामान अपनाने एवं नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए कहा कि नशामुक्त समाज ही प्रगतिशील समाज बन सकता है। कॉलेज के प्राचार्य अखिलेश राय ने समिति की इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनुकरणीय और समाजोपयोगी बताया।
कार्यक्रम में समिति के साधक परमानंद अग्रवाल, सत्यनारायण मोर, सत्यप्रकाश शर्मा, प्यारेलाल कुमावत, गिरधारीलाल दीक्षित सहित कॉलेज स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।
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