नावां: कुचामन सिटी अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने लूट और हत्या के प्रयास के आरोप में अभियुक्त भोमाराम, लक्ष्मीनारायण, पृथ्वीराज और हीरालाल को 10 वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई।


दरअसल, दिनांक 1 जुलाई 2015 को पुलिस थाना मारोठ में परिवादी सेवाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनका भाई सीताराम रात लगभग 8:15 बजे अपनी दुकान बंद कर घर की ओर जा रहे थे। उसी समय रास्ते में एक गाड़ी से 5-6 लोग उतरे, जो सरिया और लाठी से लैस थे। उन्होंने सीताराम पर हमला किया और उनकी दुकान का लगभग 50,000 रुपए मूल्य का सामान, बही खाता तथा हाथ में पहनी हुई सोने की अंगूठी जबरदस्ती लूटकर ले गए।

अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा ने बताया कि अभियुक्तों के खिलाफ अनुसंधान पूर्ण कर उन्हें 323, 341, 379, 307 एवं धारा 34 भारतीय दंड संहिता के तहत आरोपित किया गया। अभियोजन की ओर से कुल 24 गवाहों के बयान और 63 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
अपर सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने अभियुक्त भोमाराम को धारा 341, 323, 397, 307 एवं धारा 34 भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अदायगी न होने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भी सुनाया गया।

अभियुक्त लक्ष्मीनारायण, पृथ्वीराज और हीरालाल को धारा 341, 323, 392, 307 एवं धारा 34 के तहत दोषी मानकर 10 वर्ष के कठोर कारावास और 50,000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया, जिसकी अदायगी न होने पर अतिरिक्त एक वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल ने कहा कि अभियुक्तगण के खिलाफ लूट और हत्या के प्रयास के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। प्रकरण में आहत सीताराम को गंभीर चोटें आईं, जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा हुई।
इस घटना ने सीताराम और उसके परिवार का जीवन प्रभावित किया। अपराधी ने खतरनाक हथियार से हमला किया। लूट जैसे अपराध बढ़ रहे हैं और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई न्याय और समाज की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।
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