नावां शहर। निकटवर्ती ग्राम मारोठ में पेयजल समस्या को लेकर धरना दसवें दिन उपखंड अधिकारी दिव्या सोनी ने धरना स्थल पर पहुंचकर आम जनता की मांगों को लेकर समझाइश की।


उन्होंने विभागों व ग्रामीणों के बीच मांगों की सहमति बनवाई और लिखित में सहमति पत्र मारोठ की जनता को देकर संतुष्ट किया। सहमति पत्र में तय हुआ कि मारोठ में पेयजल आपूर्ति हर पांच दिन में 1.5 घंटा जलापूर्ति की जाएगी।

मारोठ में नई डी.आई. पाइपलाइन हेतु 95 लाख की अनुमोदन हेतु प्रस्तावित है जो लगभग फाइनल स्टेज पर है। तीसरी सन 2051 के अनुसार अनुमानित आबादी के अनुसार पेयजल आपूर्ति हेतु प्रस्ताव एवं योजना तैयार की गई है। इसके साथ ही मालियों की ढाणी में पेयजल आपूर्ति हेतु जलदाय विभाग प्रस्ताव बनाकर 15/09/2025 भेजेंगे।
ओवरहेड टैंक की जल आपूर्ति में केवल मारोठ संरक्षित रहेगा। पड़ोस की जीपी में टंकी बनने पर कार्य शुरू होगा तब तक पानी बढ़कर आपूर्ति की जाएगी। मारोठ में 5 स्थानों पर हैंडपंप लगाने हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा। माताजी वाले रास्ते पर दो ट्यूबवेल खुदवाकर पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।

मारोठ के तालाब व नाड़ियों के संरक्षण, रास्ता एवं मरम्मत हेतु पंचायत समिति व अन्य विभाग 5 प्रतिनिधियों की टीम गठित कर रिपोर्ट 15 दिवस में देंगे। मारोठ में दो बांध जिनकी मरम्मत सिंचाई/डब्ल्यूआरडी तथा पंचायत समिति से मनरेगा से करवाई जाएगी। मारोठ गांव के तालाब और नाड़ियों का अतिक्रमण हटाना एवं ग्राम पंचायत द्वारा पंचायत समिति के संरक्षण में रख-रखाव करना।
मारोठ के वर्तमान जिन मोहल्लों एवं 5 नवीनतम कॉलोनियों में पेयजल हेतु आवेदन करने पर तुरंत पेयजल आपूर्ति की जाएगी। 11.09.2025 को अवैध पेयजल को लेकर जो विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है उसे स्थगित किया गया।
दसवें दिन प्रशासन व आम जनता के बीच समझौता होने पर ग्रामीणों द्वारा मिठाई का वितरण किया गया और एक-दूसरे को बधाई दी गई।
धरने में हितेश जैन, प्रकाश मायला, नरसी मेघवाल, रामेश्वर चौधरी, पप्पूराम, प्रेम, राजकुमार सोनी, ललित सैन, भोपा महाराज, यज्ञ नारायण महर्षि, नटवर तिवाड़ी, विजय गौड़, अरुण गौड़, भूराराम सैन सहित अन्य ग्रामीणों ने सहयोग किया।
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