कुचामन सिटी. लुहारिया बास रोड पर संगीत सदन के सामने की तस्वीरें शहर में विकास के दावों की हकीकत बयां कर रही हैं। सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, टूटी-फूटी सड़क पर नालियों का गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे निस्तारण व्यवस्था की पोल खुल रही है।


सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि प्राचीन धार्मिक स्थलों के सामने भी गंदगी और गंदा पानी फैला हुआ है। सामने ही प्राचीन रघुनाथजी का मंदिर है। पास में श्याम बाबा का मंदिर स्थित है। सुबह-शाम श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं, लेकिन पूरा रास्ता गंदे पानी से भरा होने के कारण लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर तक जाना मानो किसी मुसीबत से कम नहीं रहा।

संगीत सदन में शिक्षा लेने आने वाले बच्चों और युवाओं को भी इसी समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरपरिषद को कम से कम उन स्थानों की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो सार्वजनिक हैं और आस्था के केंद्र हैं।
गौरतलब है कि कुचामन सिटी में सफाई व्यवस्था का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। नगरपरिषद करोड़ों रुपए का बजट होने के बावजूद साफ-सुथरा माहौल देने में नाकाम साबित हुई है। हालात यह हैं कि पार्षदों को खुद अधिकारियों को वार्डों में लेकर जाकर गंदगी का निरीक्षण करवाना पड़ रहा है।

यही वजह रही कि इस साल सफाई सर्वेक्षण में कुचामन नगरपरिषद देशभर में 123वें स्थान पर रही जो शहरवासियों के लिए निराशाजनक आंकड़ा है।
कुचामन सिटी में त्यौहारों से पहले 373 किलो घी सीज, खाद्य लाइसेंस कैंप भी आयोजित






