डीडवाना के सिद्धधाम शीतलकुण्ड बालाजी मंदिर में द्विदिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव का आयोजन हुआ। इस अवसर पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों की स्थापना हेतु विधिविधानपूर्वक भूमि पूजन एवं मंत्रोच्चारण किया गया।


आचार्य विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज के पावन सानिध्य में हुए इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष
कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन्द्रेश महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और उनके जीवन-दर्शन का महत्व भक्तों को बताया। 15 अगस्त को सुबह 8:30 बजे ध्वजारोहण और 9 बजे से दिव्य सत्संग आरंभ हुआ। जैसे ही इन्द्रेश महाराज मंदिर परिसर में पहुंचे, भक्तों की भारी भीड़ उन्हें आशीर्वाद लेने और प्रवचन सुनने उमड़ पड़ी।


सत्संग में गूंजे भक्ति रस के बोल
सत्संग में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया गया। साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापना की महिमा और महत्व को भी विस्तार से बताया गया। श्रद्धालुओं ने भक्ति रस में डूबकर सत्संग का आनंद लिया।
विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज का संदेश
आचार्य विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज ने कहा कि हर भक्त द्वादश ज्योतिर्लिंगों की यात्रा नहीं कर पाता। इसलिए यहां सभी तीर्थों की मिट्टी और जल लाकर शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। इससे शीतलकुण्ड बालाजी धाम एक प्रमुख आस्था केंद्र बनेगा और सभी को एक ही स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा।
कई संत महापुरुष हुए शामिल
महोत्सव में कई प्रतिष्ठित संत महात्माओं का मंगल सानिध्य भक्तों को प्राप्त हुआ। इनमें नागोरिया पीठाधीश स्वामी विष्णुप्रपन्नाचार्य महाराज (वृंदावन), प्रसिद्ध कथा वाचक व मोटिवेशनल स्पीकर स्वामी इन्द्रेश महाराज (गया), बैंकटेशप्रपन्नाचार्य महाराज (पलसाना), मनोहरशरणदास महाराज (हरिद्वार), स्वामी दिव्यांशु वैदांती (गनेड़ी), रामप्रपन्नाचार्य प्रेमाश्रम (डीडवाना), भागवताचार्य महाराज (बोदलासी धाम) और पंचमनाथ महाराज शामिल रहे।






