डीडवाना-कुचामन. कलक्टर साहब ने 24 अगस्त को बड़ा आदेश जारी किया – स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कोचिंग संस्थाओं में 25 और 26 अगस्त को अवकाश रहेगा।


शहरवासी खुश हुए कि चलो छुट्टी मिली अब बारिश का मज़ा भी आएगा। लेकिन साहब ये क्या! जैसे ही छुट्टी का फरमान निकला। इंद्रदेव ने अपनी पाइपलाइन ही बंद कर दी।

लोग अब मज़ाक उड़ाते हुए कह रहे हैं कि कलक्टर साहब के आदेश का मौसम पर ऐसा असर है कि तीन दिन से झमाझम हो रही बारिश अचानक थम गई। बादल भी कलक्टर साहब का आदेश सुनते ही उल्टे पैर भाग लिए।
शहर में चर्चा है कि शायद कलक्टर साहब और इंद्रदेव के बीच कोई अदृश्य गठजोड़ है – “आप छुट्टी दीजिए, हम बारिश रोक देंगे।”
वरना पिछली बार भी तो यही हुआ था। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की थी और कलक्टर ने 31 जुलाई से 2 अगस्त तक अवकाश घोषित कर दिया। नतीजा? तीनों दिन सूरज की मुस्कान और धूप की तपिश जबकि बारिश का नामोनिशान नहीं।

अबकी बार भी वही हाल। लोग कह रहे हैं कि “अगर रोज़ ऐसे ही आदेश आते रहे तो डीडवाना कुचामन की धरती पर सूखा ही पड़ जाए। छुट्टी का नोटिस आते ही इंद्रदेव अपने मेघ उठा कर कहीं और निकल जाते हैं।”
“लगता है कलक्टर साहब खास भक्त हैं इंद्रदेव के। साहब जैसे ही आदेश निकालते हैं, देव खुद बादलों को रोक देते हैं कि बच्चों की छुट्टी खराब न हो।”
इसी बीच शहर में नज़ारे भी बदले-बदले से हैं। कोई छुट्टी की खुशी में पकोड़े तल बैठा, तो किसी ने गरमा-गरम चाय चढ़ा दी। लोग खिड़कियों और चौबारों पर बैठकर बारिश का इंतज़ार कर रहे हैं – “बरसात तो करवाओ साहब, ताकि पकोड़ों और चाय का स्वाद भी पूरा हो पाए।”






