कुचामन सिटी में एक चैक बाउंस मामले में न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना करने पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर सिविल जेल भेजा गया।


न्यायालय के आदेश की पालना में सहायक नाजिर गोविन्द राम लोमरोड़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया।

प्रकरण अनुसार – वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कुचामन सिटी की लोक अदालत में राधेश्याम बनाम महेश कुमार (इजराय प्रकरण संख्या 08/2025) में राजीनामे के आधार पर निर्णय पारित किया गया था। यह निर्णय एनआई एक्ट प्रकरण संख्या 49/2016 से संबंधित था, जिसमें चैक की राशि ₹6,15,000 थी।
28 सितम्बर 2024 को पारित अधिनिर्णय के अनुसार – यह राशि मयून महेश कुमार पुत्र स्व. मोहनलाल निवासी न्यू कॉलोनी, स्टेशन रोड, कुचामन सिटी द्वारा 4 माह की अवधि में राधेश्याम को अदा की जानी थी। हालांकि निर्धारित समय (21/09/2024 से 4 माह) में राशि अदा नहीं की गई।

इस पर डिक्रीदार राधेश्याम के अधिवक्ता महेश कुमार पारीक द्वारा न्यायालय में इजराय पेश कर राशि वसूली की प्रक्रिया शुरू करवाई गई।
न्यायालय द्वारा नोटिस तामील होने के बावजूद जब मद्यून महेश कुमार ने राशि जमा नहीं की, तो पीठासीन अधिकारी कामाक्षी मीणा द्वारा आदेश 21 नियम 38 के तहत गिरफ़्तारी वारंट जारी किया गया।
गिरफ़्तारी वारंट की पालना में सहायक नाजिर गोविन्द राम लोमरोड़, केन्द्रीयकृत नजारत एवं लेखाशाखा (अपर जिला एवं सत्र न्यायालय), कुचामन सिटी ने सख्त व प्रभावी कार्यवाही करते हुए मद्यून महेश कुमार को उसके आवास न्यू कॉलोनी से गिरफ्तार किया। इस दौरान न्यायालय के प्रोसेस सर्वर रामनिवास भी मौजूद रहे।
गिरफ्तारी के बाद मद्यून महेश कुमार को वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं एसीजेएम न्यायालय, कुचामन सिटी में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे ₹6,15,000 की राशि जमा नहीं करवाने पर 30 दिवस की सिविल जेल की सजा सुनाई। आदेश के अनुसार, सम्पूर्ण राशि जमा नहीं होने तक आरोपी सिविल जेल (परबतसर) में रहेगा।
कलक्टर ने कुचामन सिटी में ली स्वास्थ्य समिति की बैठक, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश






