कुचामन सिटी में सरकार द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य ठेकेदारों की उदासीनता की भेंट चढ़ रहे हैं। ऐसे ही मामला कुचामन सिटी के वार्ड नंबर 20 के बी.आर. खोखर स्कूल की रोड से सामने आया है।


जहां अभी 2 महीने पहले ही बनी हुई सड़क हल्की सी बारिश में जलमग्न हो गई। साथ ही नालियों का गंदा पानी घरों तक पहुंच गया। लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

दरअसल, kuchamadi.com द्वारा ही जब इस वार्ड में हो रही दुर्दशा की तस्वीर न्यूज के माध्यम से अफसरों तक पहुंचाई गई। इसके बाद यह सड़क का काम शुरू किया गया।
इससे पहले सीवरेज का काम होने के दौरान पूरी सड़क को उखाड़ दिया गया और बड़े-बड़े गड्ढे छोड़ दिए गए। इस सड़क से सबसे ज्यादा दिक्कत स्टूडेंट्स को होती थी। पास में बी.आर. खोखर स्कूल है, सैकड़ों बच्चे हमेशा इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं। ऐसे में अब की बात करें तो पहले से भी बुरा हाल है।


क्या-क्या परेशानियां आ रही हैं, लोगों से ही जानी
इस सड़क पर स्थित घरों के कुछ लोगों से बात करने पर पता लगा कि सड़क तो ठेकेदार ने बनाई लेकिन इसमें जो कमियां छोड़ी गईं वे अब निवासियों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। सड़कों को काफी ऊपर उठा दिया गया। लोगों ने बताया कि जब इस सड़क को बनाया गया तब ठेकेदार को बोलने पर भी सड़कों को काफी ऊपर बनाया गया। इसके पीछे जरूर कोई कारण रहा होगा। हालांकि इस वजह से पूरा गंदा पानी अब घरों में आने लगा है।
पानी के निस्तारण की व्यवस्था नहीं
इस सड़क पर एक तरफ नाली है, वह भी इतनी छोटी है कि पूरा पानी बाहर निकल आता है और सारा पानी एक जगह एकत्रित हो जाता है। काफी समय बाद सड़क से पानी हटता है। गंदे पानी के जमा होने से लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पाते। पैदल इस पर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है और छोटे बच्चों व बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर परिषद के कर्मियों की लापरवाही
नगर परिषद के सफाई कर्मियों की लापरवाही भी इस समस्या को और बढ़ा रही है। नालियों की सफाई करने के लिए कर्मचारी तो आ जाते हैं, लेकिन कीचड़ को उठाने के लिए गाड़ी समय पर नहीं आती। ऐसे में नालियों से निकाला गया सारा कीचड़ सड़क पर ही पड़ा रहता है और बाद में वापस नालियों में चला जाता है। परिणामस्वरूप नालियां फिर से जाम हो जाती हैं, गंदा पानी रुककर भरने लगता है और बरसात आने पर यह सारा गंदा पानी सड़क पर फैल जाता है।
स्टूडेंट्स की समस्या बढ़ी
सुबह-सुबह जब स्कूल शुरू होती है तो पहली कक्षा (1st Class) के बच्चे से लेकर 12वीं कक्षा (12th Class) के बच्चे इसी सड़क से होकर स्कूल जाते हैं और वापस आते हैं। लेकिन इतने गंदे पानी में चलने की वजह से उनके पूरे पैर सड़क पर फैली गंदगी में भीग जाते हैं, जो बीमारियों का गंभीर खतरा उत्पन्न करती है। वहीं स्कूल से लौटते समय भी उन्हें इसी समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार ज्यादा पानी भरा होने के कारण स्कूल द्वारा बसों की सहायता से बच्चों को सड़क पार करवाया जाता है। हालांकि ऐसा हर बार संभव नहीं।
गंभीर बीमारियों का खतरा
बारिश के मौसम के साथ ही मच्छरों की परेशानियां उत्पन्न होती हैं, जो विभिन्न बीमारियों का कारण बनती हैं। डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां एक जगह गंदे पानी के एकत्रित हो जाने पर ही उसमें मच्छर पनपने से फैलती हैं और गंभीर खतरे उत्पन्न करती हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से और आसपास के घरों में रह रहे लोगों की सुरक्षा की दृष्टि से इस समस्या पर शीघ्र ध्यान देना आवश्यक है।
नगर परिषद की लापरवाही
अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही ठेकेदार आम नागरिकों की सोचे बिना काम करता है, जिस वजह से परेशानियां सामने आती हैं। उन पर कार्रवाई नहीं होने के कारण लोगों को समस्याएं होती हैं। नगर परिषद को कार्रवाई करते हुए इस समस्या से लोगों को निजात दिलाना चाहिए।
सहायक अभियंता RUIDP अनिल सैनी से समस्या से अवगत कराने पर कहा गया कि समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और ठेकेदार को पाबंद किया जाएगा।






