कुचामन सिटी. भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी तिथि को पूरे देश के साथ-साथ राजस्थान के कुचामन सिटी में भी गणेश चतुर्थी का पर्व हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है।


इस अवसर पर शहर के सबसे प्राचीन और पवित्र मंदिर गणेश डूंगरी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों, लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जिससे वहां का वातावरण और भी भक्तिमय हो गया है।


गणेश डूंगरी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
गणेश डूंगरी मंदिर में सुबह मंगल आरती के साथ विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणपति बप्पा को मोदक, लड्डू, केले, नारियल और गुड़ का भोग लगाया। मंदिर परिसर में भक्तों ने भक्ति भजनों और गणेश स्तुति के साथ बप्पा की आराधना की।

शहरभर में उत्सव का माहौल
कुचामन सिटी के विभिन्न मंदिरों, कॉलोनियों और सोसाइटियों में भी गणेश चतुर्थी की धूम देखी जा रही है। कई स्थानों पर भक्तों ने गणपति की भव्य मूर्तियों की स्थापना की है। पंडालों को रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और थीम आधारित सजावट से सजाया गया है।
शहर के घरों में भी गणेश चतुर्थी का उत्साह चरम पर है। लोग अपने घरों में छोटी-बड़ी गणपति मूर्तियों की स्थापना कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। गृहणियां सुबह से ही भोग के लिए मोदक, लड्डू और अन्य व्यंजन तैयार करने में व्यस्त हैं। बच्चों और युवाओं में भी इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
11 दिनों तक चलेगा गणेश उत्सव
गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाला यह उत्सव 11 दिनों तक चलेगा, जिसके अंत में अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति की मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा।
इस दौरान शहर में विभिन्न सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन भी होंगे। कई पंडालों में भक्ति संगीत, नृत्य और नाटक जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जो भक्तों को आकर्षित कर रहे हैं।






