महिलाओं ने किया गाय और बछड़े का पूजन
कुचामनसिटी। शहर में बछबारस के पर्व को महिलाओं द्वारा बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। महिलाओं ने गाय व बछड़े की पूजा कर घर में खुशहाली की कामना की।




दरअसल महिलाएं यह त्योहार अपने पुत्र के लंबी उम्र व स्वस्थ जीवन के लिए मनाती है। डीडवाना कुचामन जिले में बुधवार को बछबारस का पर्व श्रद्धा व उल्लास से मनाया गया। महिलाओं ने सुबह मंगल गीत गाते हुए गाय व बछड़े के सिर पर तिलक लगाकर विधि-विधान के साथ उनका पूजन किया।


गायों को चूनरी ओढ़ाने के साथ ही मोहल्लों में घर के आगे गाय के गोबर से बनी तलाई बनाकर उसमें पानी भरा और बछ बारस की कथा का श्रवण किया। मान्यता है कि बछबारस का व्रत करने से बेटों की उम्र लम्बी होती है और उनके जीवन में खुशहाली रहती है।

पुरानी धान मंडी निवासी अनिता शर्मा, गुन्जन मूंदड़ा, ललिता वर्मा पारीक, पुष्पा गौड़ आदि महिलाओं ने बताया कि आज के दिन बछ बारस पर गाय के दूध से बने उत्पादो का उपयोग नही किया जाता है।
इस दिन गेहूं और चाकू एवं धारदार किसी चीज से कटी हुई वस्तु का इस्तेमाल नही किया जाता है।
इसके स्थान पर बाजरा या मक्का से बनी खाद्य वस्तुओं अंकुरित चना, मूंग-मोठ की सब्जी का उपयोग होता है।
महिला सुशीला जोशी ने बताया कि सुबह से ही माताओं ने गाय व बछड़े की सामूहिक पूजा की। कुचामन वैली में भी महिलाओं ने गौवंश का पूजन कर मंगलकामनाएं की।






