सोलर प्रोजेक्ट : डीडवाना-कुचामन व नागौर जिले में सोलर प्लांट के लिए वृक्षों की अंधाधुंध कटाई की जा रही है, जिसमें सबसे अधिक खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं।


खेजड़ी राजस्थान का पारिस्थितिक आधार माने जाने के साथ-साथ संरक्षित वृक्ष भी है, फिर भी इसकी बेरोकटोक कटाई की जा रही है।

इसी गंभीर मुद्दे को लेकर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। सांसद बेनीवाल ने मांग की कि राजस्थान में भी ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाए और खेजड़ी जैसे पेड़ों की कटाई पर सख्त रोक लगाई जाए।
उन्होंने बताया कि सोलर कम्पनियों द्वारा सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट स्थापित करने के नाम पर राजस्थान को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। विशेष रूप से बीकानेर, फलौदी, जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, नागौर और डीडवाना-कुचामन जिलों में सोलर प्लांट के लिए पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।
अब तक पश्चिमी राजस्थान में 26 लाख से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं, जिनमें 60 प्रतिशत खेजड़ी के पेड़ थे – जो इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी का मुख्य आधार माने जाते हैं।

डीडवाना-कुचामन जिले के नावां शहर में सोलर प्लांट के लिए पूरा जंगल उजाड़ दिया गया।
वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि “फोटो क्लिक, काम फिनिश” — यानी पौधा लगाकर फोटो खिंचवा ली जाती है, फिर उसकी कोई देखभाल नहीं होती। अभियान केवल दिखावे तक सिमट गया है।
बेनीवाल ने कहा कि प्रति मेगावाट सोलर ऊर्जा उत्पादन के लिए 4-5 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। वर्तमान में राजस्थान में 26,450 मेगावाट सोलर बिजली उत्पादन के लिए करीब 1.32 लाख एकड़ भूमि पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं।
विशेषकर पश्चिमी राजस्थान में प्रत्येक एकड़ में 15-20 पेड़ और 10 फीट तक की 25-30 झाड़ियाँ पाई जाती हैं। अब तक 40 लाख से अधिक झाड़ियाँ काटी जा चुकी हैं।
राजस्थान की रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी और समाचार पत्रों की रिपोर्टों के अनुसार –
वर्ष 2030 तक 65,000 मेगावाट सोलर ऊर्जा का लक्ष्य है, जिसके लिए लगभग 1.92 लाख एकड़ भूमि की जरूरत होगी। अनुमान है कि इसके चलते करीब 40 लाख पेड़ों का बलिदान होगा।
राजस्थान में कई जगहों पर पर्यावरण प्रेमी इस कटाई का विरोध कर रहे हैं और धरनों के जरिए सरकार से मांग कर रहे हैं कि सोलर प्रोजेक्ट के लिए बंजर भूमि का उपयोग किया जाए ताकि पेड़ न काटने पड़ें।
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया है कि हाईवे के दोनों तरफ भी सोलर प्लांट लगाए जा सकते हैं। जिससे वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाए बिना अक्षय ऊर्जा का उत्पादन संभव हो सके।
सांसद हनुमान बेनीवाल ने आग्रह किया कि भारत सरकार तुरंत हस्तक्षेप कर राजस्थान में ट्री प्रोटेक्शन एक्ट लागू करे और खेजड़ी सहित सभी पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए।
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