Friday, April 4, 2025
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किसान संघ पृष्ठभूमि से आकर अब भाजपा से चुनावी रणनीति बना रहे हैं राकेश चौधरी

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टिकट के दावेदारों की फेहरिस्त में शामिल है प्रगतिशील किसान राकेश चौधरी

 आयुष मंत्रालय के नेशनल प्लांट्स बोर्ड सदस्य भी रह चुके हैं राकेश चौधरी

नावां की राजनीति में अगला कदम उठाएगा कौन? ….पढ़ेें किस्सा कुर्सी का पार्ट 7   —-  kuchamadi.com पर

हेमन्त जोशी @ कुचामनसिटी।  विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों की प्रमुख राजनैतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई है। कांग्रेस में भले ही एकमात्र चेहरा महेन्द्र चौधरी है लेकिन भाजपा में कई चेहरे चुनावी दावेदारी कर रहे हैं।

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इस बीच एक नया चेहरा भी इन दिनों चर्चाओं में है। जो किसान संघ पृष्टभूमि में कार्य करने के बाद अब सीधे भाजपा की सक्रिय राजनीति में भागीदार बन गया है। इसे भाजपा में बेकडोर एंट्री माने या खुद के प्रयास।  चुनावी गलियारे में यह नाम है राकेश चौधरी। पिछले दिनों शहर के चौक-चौराहों पर लगे हॉर्डिंग्स और बैनर देखकर इस नाम का कहीं जिक्र किया तो कुछ लोग इस नाम से भले ही अपरिचित नजर आए। लेकिन जो जानते हैं उन्हें पता है की हर्बल कृषि से राकेश चौधरी देश-विदेश में अपना लोहा मनवा चुके हैं।

हर्बल कृषि में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के बाद अब भाजपा से सक्रिय राजनीति में रखा है कदम

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धरातल पर संघ पृष्ठभूमि के कुछ लोगों से जानकारी जुटाई तो सामने आया कि पिछले दिनों शहर में हुए सामाजिक समरसता कार्यक्रम एवं 581 जोड़ों के महायज्ञ और संत ओमदास के कुचामन में हुए जनचेतना संदेश समारोह में राकेश पूरी तरह सहयोगी रहे। संघ के विभिन्न दायित्वों पर रहने के बाद चौधरी सीधे भाजपा की दलगत राजनीति में प्रवेश कर चुके है। विधानसभा चुनाव 2023 में नावां विधानसभा से चुनाव लडऩे की तैयारी करने वाले भाजपा नेताओं में राकेश चौधरी भी शामिल है। चौधरी भले राजनैतिक पृष्टभूमि में अब तक सक्रिय नहीं रहे हैं लेकिन संघ में पिछले लंबे समय से विभिन्न दायित्व का निर्वहन कर चुके है। हाल ही में वह संघ के दायित्वों से मुक्त होकर भाजपा की राजनीति का हिस्सा बनें है और आगामी चुनाव की रणनीति भी बना चुके हैं।

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खेती से राजनीति तक एक परिचय-

नावां विधानसभा से चुनावी तैयारी कर रहे हैं कृषि वैज्ञानिक राकेश चौधरी।
नावां विधानसभा में भाजपा से चुनावी तैयारी कर रहे हैं कृषि वैज्ञानिक राकेश चौधरी।

राकेश चौधरी किसान परिवार में जन्में है और बी.एस.सी, बी.सी.ए. और बी.एड. की पढ़ाई करने के बाद कृषि में कुछ नया करने की ठानी और क्षेत्र में हर्बल खेती की नई शुरुआत की। प्रगतिशील किसान के रुप में अपनी पहचान कायम करने के बाद राकेश ने विनायक हर्बल लिमिटेड कम्पनी की शुरुआत की। कृषि में आयुर्वेदिक उत्पाद तैयार करने की विधि से ही राकेश मारवाड़ औषधीय पादप स्वयं सहायता समूह के अध्यक्ष बनें और कृषि दूत विश्व विकास फाउंडेशन के राष्ट्रीय संयोजक और संस्थापक बनें।

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बनें आयुष मंत्रालय में प्लांट्स बोर्ड के सदस्य-

कृषि वैज्ञानिक राकेश चौधरी के कृषि में किए गए नवाचारों से प्रभावित होकर उन्हें भारत के आयुष मंत्रालय में नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड का सदस्य बनाया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, लोकसभा प्रवास योजना, नावां विधानसभा के संयोजक बनें और ग्रामीण मंडल के महामंत्री बनें। इसके बाद राकेश चौधरी ने अब भाजपा से राजनीति में अपने कदम आगे बढ़ाए हैं।

नावां विधानसभा भाजपा से चुनावी तैयारी कर रहे हैं कृषि वैज्ञानिक राकेश चौधरी।
नावां विधानसभा भाजपा से चुनावी तैयारी कर रहे हैं कृषि वैज्ञानिक राकेश चौधरी।

—— आप पढ़ रहे हैं kuchamadi.com पर किस्सा कुर्सी का पार्ट 7

इन पदों पर भी निभाए दायित्व-

राकेश चौधरी ने भारतीय किसान संघ नागौर जिला जैविक प्रमुख, भारतीय किसान संघ बीकानेर के संभाग जैविक प्रमुख, भारतीय किसान संघ जोधपुर प्रांत के प्रांत जैविक प्रमुख व भातरीय किसान संघ डीडवाना के जिलाध्यक्ष और क्षेत्रीय सलाहकार समिति नाबार्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।

सेवा कार्यों में आगे रहकर निभाई जिम्मेदारी-

राकेश चौधरी ने लंपी महामारी के दौरान गौवंश को बचाने के लिए काढ़ा वितरण करने के साथ ही 20 हजार औषधीय दवाओं का वितरण किया। जिससे क्षेत्र में गौवंश की जान बचाई जा सकी। युवाओं के कृषि में रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 1 हजार से अधिक महिलाओं को हर्बल प्रोसेसिंग की स्किल डवलपेंट का प्रशिक्षण देकर रोजगार की सुनिश्चितता की। कृषि एवं आयुर्वेदिक क्षेत्र में सम्पूर्ण भारत का भ्रमण कर 1 हजार से अधिक किसान प्रशिक्षण कार्यशालाओं में किसानों को जागरुक किया और हर्बल दवाओं के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया। सरकार के वन विभाग की महत्वकांक्षी घर-घर औषधि योजना के तहत 2 लाख औषधीय पौधे एवं बीज नि:शुल्क उपलब्ध करवाए। जिससे औषधीय पौधों को बढ़ावा मिल सके। कोरोना काल में 20 हजार से अधिक घरों में आयुष काढ़े का वितरण किया गया।

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नावां की राजनीति में आएगा बदलाव-

”नावां में कांग्रेस की सरकार के कुशासन से आमजनता परेशान है। जयपाल हत्याकांड से लेकर अधिकारियों के भ्रष्टाचार तक हरजगह सरकार फेल साबित हो रही है। मैं पार्टीहित में अब जनता के बीच रहकर काम कर रहा हूँ। राजनीति में नावां विधानसभा का परिदृश्य अब बदल रहा है। जल्द ही यहां परिवारवाद के खिलाफ और आमजनता के समर्थन से नई राजनीति की शुरुआत होगी।”

राकेश चौधरी
भाजपा नेता, नावां विधानसभा

 

 

राजनीतिक विरासत:- लोकतंत्र में भी नावां में इन 2 परिवारों का ही राजतंत्र ?

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