कुचामन सिटी. बालाजी बाजार की सड़कें अब लोगों के चलने के लिए नहीं, बल्कि दुकानदारों का गोदाम बन गई हैं। लोगों के लिए यहां चलना मुश्किल हो गया है। कोई एक बार अंदर आ जाए तो जाम में फंसे बिना निकल नहीं पाता।


प्रशासन ने मानो शहर को भगवान भरोसे छोड़ रखा है और खुद आराम फरमा रहा है।

यह वीडियो बालाजी मार्केट की वर्तमान स्थिति का हाल बयां कर रहा है।
हर दिन हालात ऐसे बने रहते हैं कि लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। लोग अपने जरूरी कामों से बाजार की ओर निकलते हैं, लेकिन दुकानदारों द्वारा दुकानों के बाहर 5-6 फुट तक किए गए अतिक्रमण के कारण उन्हें लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है।

ये हैं जाम लगने की मुख्य वजहें
1. सड़कों पर दुकानदारों का कब्जा
सबसे पहले दुकानदार दोनों तरफ की सड़कों को अपनी जागीर समझकर सामान से भर देते हैं। रास्ते के दोनों ओर स्थित दुकानों ने मानो मिलकर आधी-आधी सड़क बांट ली हो, ताकि आराम से अपना सामान सड़क पर रख सकें।
2. गहरी नींद में सोए अधिकारी
काफी समय से लोग अतिक्रमण की समस्या से नगर परिषद को अवगत कराते आ रहे हैं। मीडिया ने भी कई बार खबरें प्रकाशित कीं, लेकिन प्रशासन की सुस्ती ऐसी है कि अधिकारी अपनी कुर्सी से उठकर शहर के हालात का जायजा लेने का भी कष्ट नहीं करते।
3. प्रॉपर ट्रैफिक मॉनिटरिंग की कमी
शहर दिन-प्रतिदिन तरक्की कर रहा है। ऐसे में एक बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था की जरूरत है। जिस स्थान पर जाम की स्थिति बनती है, वहां ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद रहने चाहिए ताकि स्थिति को संभाला जा सके। लेकिन प्रशासन ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जवाब सिर्फ यही मिलता है कि कर्मियों की कमी है और यह नया जिला है।
4. नियमों की अनदेखी आम बात
आजकल नियमों की अनदेखी और उन्हें तोड़ना आम बात हो गई है। अधिकारी कानून व्यवस्था का प्रभावी पालन करवाने में सक्षम नजर नहीं आते। ऐसे में कई लोग अपने वाहन सड़क पर खड़े करके चले जाते हैं। कई जगह पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। लोग अतिक्रमण कर लेते हैं, लेकिन उन्हें कोई रोकने-टोकने वाला नहीं होता।
अब क्या करना चाहिए?
ऐसे इलाकों में जहां भीड़भाड़ और जाम की स्थिति अधिक बनी रहती है। वहां बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। ट्रैफिक कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए और उन्हें प्रमुख स्थानों पर तैनात किया जाए। नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाए। प्रशासनिक अधिकारियों को हर हफ्ते शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का निरीक्षण करना चाहिए। शहर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से अतिक्रमण करने वालों पर निगरानी रखी जाए और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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